Friday, September 7, 2012


राज्य स्तरीय स्वर्णकार शिक्षक सम्मान समारोह-2012 शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न

जयपुर, 05 सितम्बर। 05 सितम्बर को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष की भांति स्वर्णकार समाज उत्थान समिति, जयपुर द्वारा जवाहर कला केन्द्र, जयपुर के रंगायन सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसके अन्तर्गत प्रदेशभर से स्वर्णकार समाज के उन शिक्षकों का सम्मान किया गया जिन्हें किसी भी वर्ष महामहिम राज्यपाल अथवा महामहिम राष्ट्रपति द्वारा शिक्षक सम्मान से पुरस्कृत किया गया हो। कार्यक्रम में उपस्थिहोने के लिये प्रदेशभर से 14 पुरस्कृत शिक्षक जयपुर पधारें।
कार्यक्रम मे''न्युअर रोल ऑफ टीचर्स इन सोसायटी'' विषय पर व्याख्यान के अन्तर्गत कार्यक्रम कमुख्य वक्ता डॉ बजरंग लाल सोनी, वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ ने कहा कि शिक्षकों की भूमिका की बात तो सदियों से चली आ रही है, किन्तु आज वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समाज में बहुत परिवर्तन आ चुका है। इस बदलते हुए वातावरण में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ गई है। आज विद्यार्थी तकनीकी क्षेत्र में कहीं आगे निकल गए हैं, ऐसे में कहीं शिक्षक अपने विद्यार्थियों से पिछड़ नहीं जाए। शिक्षकों को भी स्वयं को अद्यतन रखना होगा, तभी विद्यार्थियों के समक्ष वे अपना ज्ञान एवं सम्मान बनाये रख पायेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा के माननीय कुलपति प्रोफेसर नरेश दाधीच ने भी अपने उद्बोधन में शिक्षकों द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी में अपने ज्ञान को अद्यतन करने की आवश्यकता पबल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योगपति रमाकान्त जौहरी, ग्लोबल आर्ट एक्सपोर्ट्स, जयपुर ने की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथियों में ख्यातनाम सर्वोदय कार्र्यकत्ता भवानी शंकर 'कुसुम' ने भी अपना सारगर्भित उद्बोप्रदान किया तथा घनश्याम सोनी, व्यावसायी एवं समाजसेवी भी कार्यक्रम के वि6ािष्ट अतिथि रहे तथा स्वर्णकार समाज उत्थान समिति द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की प्रशंसा करते हुए आभार प्रकट किया
कार्यक्रम का शुभारम्भ मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं महाराजा अजमीढ़ के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। मंचासीन अतिथियों का स्वागत कुमारी सुरभि सोनी द्वारा तथा परिचय संस्था के प्रचार मंत्री सागर सोनी द्वारा करवाया गया। इसी प्रकार संस्था का परिचय समिति के सलाहार श्री कैलाशचंद सारडीवाल तथा कार्यक्रम की रूपरेखा समिति के अन्य सलाहकार डॉ सुधीर सोनी द्वारा प्रस्तुत की गयी। कार्यक्रम में पधारे शिक्षको के सम्मान के अंतर्गत शिक्षको का संशिप्त व्येक्तिक विवरण संस्था के संयुक्त सचिव एवं कार्यक्रम संयोजक उमेश कुमार सोनी तथा संस्था के अध्यक्ष गजेन्द्र सोनी द्वारा प्रस्तुत किया गया। 
कार्यक्रम में दो शिक्षकों जिनमें श्रीमती विद्योत्तमा वर्मा (जोधपुर) तथा श्री हितेश चन्द्र स्वर्णकार (बांसवाडा) की भी अभिव्यक्ति ली गई। जिसमें दोनों ही शिक्षकों द्वारा कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई तथा आयोजकों का कोटिश: धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम में पधारे अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन संस्था के सचिव योगेश कुमार सोनी द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम का सफल सञ्चालन श्रीमती इन्दुलाता सोनी द्वारा किया गया। 
सम्मान समोराह के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित होने वाले शिक्षकों में 1 श्री बजरंग लाल सोनी, सरदारशहर, चुरू, 2 श्री भंवरलाल सोनी, सुजानगढ़, चुरू, 3 श्रीमती निर्मला आर्य, कोटा उपस्थित रहीं तथा राज्य स्तर पर राज्यपाल द्वारा सम्मानित होने वाले शिक्षकों में 4 श्रीमती विद्योत्तमा वर्मा-जोधपुर, 5 स्व श्री बंशीलाल सुनार, शम्भूगढ़, भीलवाड़ा (मरणोपरान्त सम्मान), 6 ज्योतिषाचार्य श्री घनश्याम लाल स्वर्णकार, जयपुर, 7 श्री प्रहलाद राय सोनी, राजलदेसर, चुरू, 8 श्री दुर्गाशंकर सोनी, झालवाड़, 9 श्री रामस्वरूप सुनार, जहाजपुर, भीलवाडा, 10 श्री अम्बालाल स्वर्णकार, केकडी, अजमेर, 11 श्री घनश्याम लाल सोनी, जयपुर, 12 श्री किशोर कुमार सोनी, सोजत सिटी, पाली, 13 श्री नटवरलाल सुनार, माण्डल, भीलवाडा, 14 श्री हितेश चन्द्र स्वर्णकार, बांसवाड़ा आदि श्रद्धेय उपस्थित शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में स्वर्णकार समाज के अन्य प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। 

(सागर सोनी)
प्रचार मंत्री
मो 9928062460



Thursday, August 23, 2012

Swarnkar Samaj Utthan Samiti is going to celebrate Hounouring of Teachers-2012


स्वर्णकार समाज उत्थान समिति, जयपुर
शिक्षक दिवस पर किया जायेगा समाज के पुरस्कृत शिक्षकों का अद्भुत समागम

बहुत ही कम समय में समाज-सेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली शिक्षा के क्षेत्र में समाज के उत्थान हेतु प्रतिबद्ध जयपुर की संस्था स्वर्णकार समाज उत्थान समिति द्वारा गत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी 05 सितम्बर, 2012 को शिक्षक दिवस पर स्वर्णकार समाज के शिक्षकों हेतु प्रदेश स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। गत वर्ष संस्था द्वारा सम्मान हेतु शिक्षकों के वर्ग के अन्तर्गत जयपुर जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे स्वर्णकार समाज के शिक्षकों को सम्मानित किया गया था। इस वर्ष एक अति-महत्वपूर्ण संकल्प के साथ संस्था द्वारा स्वर्णकार समाज के उन पुरस्कृत शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्हें स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् वर्तमान तक पिछले 65 वर्षों में किसी भी वर्ष राज्यपाल अथवा राष्ट्रपति द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शिक्षक सम्मान से नवाजा गया हो। इस वर्ग के अन्तर्गत सम्पूर्ण राजस्थान के शिक्षकों को सम्मिलित किया जायेगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार प्रदेशभर के मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के ऐसे सभी शिक्षकों को जयपुर में प्रायोज्य कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। लगभग 14 जिलों के 18 शिक्षक महानुभाव इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थित दे रहे हैं। दिवंगत शिक्षकों के स्थान पर उनके परिवारजनों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। शिक्षकों का ये सम्मान समागम अपने आप में एक अद्वितीय उदाहरण होगा। यदि किसी भी समाजबंधु को इस वर्ग के किसी शिक्षक के संबन्ध  में जानकारी हो तो कृपया संस्था के निम्न पदाधिकारियों को सूचित करें-
गजेन्द्र सोनी-अध्यक्ष (9414074401),
योगेश सोनी-सचिव (9314023251),
उमेश कुमार सोनी-संयुक्त सचिव एवं
कार्यक्रम संयोजक (9314405401)

Sunday, July 1, 2012

स्वर्णकार समाज द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान एवं छात्रवृत्ति वितरण समारोह भव्यता के साथ हुआ सम्पन्न


       जयपुर, 01 जुलाई। सत्र 2011-12 में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर एवं सीबीएसई बोर्ड द्वारा आयोजित 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में राज्य एवं जिला स्तर पर स्वर्णकार समाज के मेरिट में आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं साथ ही जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने तथा उच्चतर शिक्षा में अध्ययनरत् विद्यार्थियों को सम्मानित करने हेतु स्वर्णकार सेवा सदन, नेहरू नगर, पानीपेच, जयपुर में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के चैयनमेन डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि किसी भी समाज अथवा देश के विकास का सर्वाधिक सशक्त माध्यम शिक्षा ही है। शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर ही हम अपने समाज व देश को आगे बढ़ा सकते हैं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता घनश्याम सोनी, से.नि. प्रधानाचार्य, माहेश्वरी पब्लिक सीनियर सैकण्डरी स्कूल, तिलक नगर, जयपुर ने कहा कि स्वर्णकार समाज में राज्य, राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। किन्तु फिर भी स्वर्णकार समाज को शैक्षिक दृष्टि से विकसित करने हेतु अभी और अधिक प्रयास करने होंगे। इस दिशा में सार्थक उपलब्धि प्राप्त कर ही हम अपने समाज को आगे ला सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठित समाज सेवी एवं व्यवसायी सत्यनारायण मौसूण, जे.के.जे. एण्ड सन्स ज्वैलर्स ने की। कार्यक्रम के अतिविशिष्ट अतिथि श्री ज्वैलरी मार्ट, जयपुर के श्रीबल्लभ मायछ प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं व्यवसायी थे तथा विशिष्ट अतिथि गुंजन सोनी, उपनिदेशक, अल्पसंख्यक मामलात विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर थे। संस्था के प्रचार मंत्री सागर सोनी ने बताया कि कार्यक्रम में 05 मेरिट स्कॉलर्स तथा 06 जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। साथ ही उच्चतर शिक्षा में अध्ययनरत 20 विद्यार्थियों को तथा कार्यक्रम में सहयोग देने वाले 14 भामाशाहों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में स्वर्णकार समाज के लोग काफी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम के अन्त में संस्था के अध्यक्ष गजेन्द्र सोनी ने अतिथियों तथा समाज बंधुओं का धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच संचालन योगेश कुमार सोनी द्वारा किया गया। कार्यक्रम संयोजक उमेश कुमार सोनी थे।


(उमेश कुमार सोनी)
कार्यक्रम संयोजक

Thursday, April 19, 2012

Scholarship Plan for the students of Swarnkar Community by Swarnkar Samaj Utthan Sangh


स्वर्णकार समाज के शैक्षिक उत्थान हेतु समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिये स्वर्णकार समाज उत्थान समिति द्वारा छात्रवृत्ति योजना प्रारम्भ

स्वर्णकार समाज उत्थान समिति (रजि.) द्वारा वर्ष 2012 से माध्यमिक (कक्षा 8 से 10 तक) तथा उच्च माध्यमिक स्तर (कक्षा 11 12) पर अध्ययनरत् विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियाँ प्रदान करने की योजना तैयार की गई है। जिसके अन्तर्गत निम्नानुसार छात्रवृत्तियाँ प्रदान की जायेंगी-
1-    मेरिट छात्रवृत्ति - राजस्थान में बोर्ड ऑफ सैकण्डरी एजुकेशन राजस्थान, अजमेर अथवा सीबीएसई बोर्ड, नई दिल्ली द्वारा आयोजित माध्यमिक अथवा उच्च माध्यमिक स्तरीय वार्षिक परीक्षा में राज्य अथवा जिला स्तर पर प्रथम 15 मेरिट क्रमांक तक आने वाले विद्यार्थियों को 5100/- प्रति विद्यार्थी (प्रारम्भिक चरण वर्ष 2012 में अधिकतम 05 विद्यार्थी) की राशि छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान की जायेगी।
2-   आवश्यकता आधारित प्रतिभाशाली विद्यार्थियों हेतु छात्रवृत्ति (विद्यालय स्तर पर अध्ययन हेतु कक्षा 08 से 12 तक) - इसके अन्तर्गत ऐसे विद्यार्थी जो धनाभाव के कारण शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ हैं अथवा कठिनाई अनुभव कर रहे हैं, को छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी। (प्रारम्भिक चरण वर्ष 2012 में अधिकतम 06 विद्यार्थी) इस श्रेणी के अन्तर्गत तीन उपश्रेणियां बनाई गई हैं:-
2-1           आवश्यकता आधारित उच्च प्रतिभाशाली विद्यार्थी - इस श्रेणी में उन विद्यार्थियों को लाभ प्रदान किया जा सकेगा। जिनके प्राप्तांक पिछली कक्षा में 75 प्रतिशत या इससे अधिक हैं। इस हेतु प्रति छात्र 7100/- रुपये अथवा विद्यालय की कुल वार्षिक फीस की राशि दोनों में से जो न्यून हो छात्रवृत्ति के रूप में एक वर्ष हेतु प्रदान की जायेगी। (प्रारम्भिक चरण वर्ष 2012 में अधिकतम 02 विद्यार्थी)
2-2          आवश्यकता आधारित औसत प्रतिभाशाली विद्यार्थी - इस श्रेणी में उन विद्यार्थियों को लाभ प्रदान किया जा सकेगा। जिनके प्राप्तांक पिछली कक्षा में 60 प्रतिशत या इससे अधिक तथा 75 प्रतिशत से कम हैं। इस हेतु प्रति छात्र 6100/- रुपये अथवा विद्यालय की कुल वार्षिक फीस की राशि दोनों में से जो न्यून हो छात्रवृत्ति के रूप में एक वर्ष हेतु प्रदान की जायेगी। (प्रारम्भिक चरण वर्ष 2012 में अधिकतम 02 विद्यार्थी)
2-3          आवश्यकता आधारित अल्प प्रतिभाशाली विद्यार्थी - इस श्रेणी में उन विद्यार्थियों को लाभ प्रदान किया जा सकेगा। जिनके प्राप्तांक पिछली कक्षा (उत्तीर्ण) में प्राप्तांकों का प्रतिशत 60 प्रतिशत से न्यून है। इस हेतु प्रति छात्र 5100/- रुपये अथवा विद्यालय की कुल वार्षिक फीस की राशि दोनों में से जो न्यून हो छात्रवृत्ति के रूप में एक वर्ष हेतु प्रदान की जायेगी। (प्रारम्भिक चरण वर्ष 2012 में अधिकतम 02 विद्यार्थी)

विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने संबंधी नियम एवं अधिक जानकारी हेतु संस्था की बेवसाइट से सूचना डाउनलोड की जा सकती है अथवा निम्न पदाधिकारियों से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है:-
सम्पर्क व्यक्ति : गजेन्द्र सोनी-अध्यक्ष (9414074401),
योगेश सोनी-सचिव (9314023251), उमेश कुमार सोनी-संयोजक (9314405401)
कार्यालय पता :
ए-1, गोविन्द देव कॉलोनी, चौगान स्टेडियम के पीछे, तालकटोरा, जयपुर-302002
बेवसाइट : www.swarnkarutthan.com, ई-मेल : ssus.rajasthan@gmail.com
ब्लॉग : http://swarnkarutthan.blogspot.com

Sunday, January 29, 2012



परिवार टूटे तो अपने रूठे : अपने रूठे तो सपने टूटे
जयपुर, 29 जनवरी। स्वर्णकार समाज उत्थान संघ जयपुर की ओर से 29 जनवरी को पिंक सिटी प्रेस क्लब सभागार में ''टूटते परिवार बिखरते सपने'' विषयक संगोष्ठी व स्मारिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एण्ड टेक्नोलॉजी के चेयरमैन डॉ एम.एल. स्वर्णकार थे। अध्यक्ष एम.एन.आई.टी. संस्थान से मानविकी विभाग प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष पद से सेवानिवृत्ता प्रोफेसर डॉ आर.एस. वर्मा, विशिष्ठ अतिथि वित्ता (आबकारी) विभाग, राजस्थान सरकार में वरिष्ठ लेखाधिकारी श्री सुनील सोनी, मुख्य वक्ता डॉ अशोक कुमार शरर््मा, प्राचार्य, श्री अग्रसेन स्नातकोत्तार शिक्षा महाविद्यालय सीटीई, जामडोली, जयपुर तथा अन्य मुख्य वक्ता डॉ प्रभा वर्मा सहायक आचार्य, हिन्दी विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। श्री कैलाशचंद सारडीवाल द्वारा स्वर्णकार समाज उत्थान संघ का परिचय दिया गया। इसके पश्चात् डॉ सुधीर सोनी ने कार्यक्रम की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य वक्ता डॉ प्रभा वर्मा ने कहा कि कहा कि आज के भौतिकवाद के युग में जिस प्रकार से परिवार टूटते जा रहे हैं वह एक अत्यंत सोचनीय विषय है। मनुष्य के लिए परिवार ही उसका समाज होता है वही उसके विकास का प्राथमिक केन्द्र होता है। उन्होंने कहा कि परिवार में रहकर ही व्यक्ति अपने सपनों को पूरा कर सकता है, लेकिन आज भाई-भाई में इतनी तकरारें हो जाती है कि वो आपस में एक-दूसरे के दुश्मन बने बैठे हैं। विशिष्ठ अतिथि सुनील सोनी ने कहा कि टूटते परिवार बिखरते सपने विषय एक ज्वलंत मुददा है आज समाचार पत्रों में रोज आत्महत्या, दहेज प्रताडना की खबरें छप रही हैं। ऐसे मामलों से ना केवल उनके बल्कि उनके परिवार के हर एक सदस्य के सपने मोतियों की तरह बिखर जाते हैं। माता-पिता तथा बच्चों के मध्य संबंध इतने बिगड़ गए कि हमें 'ओल्डएज होम' की स्थापना करनी पड़ रही है। डॉ एमएल स्वर्णकार ने अपने संबोधन में कहा कि हर समाज की तरह हमारे समाज के लोगों को भी परिवार के साथ-साथ अपने समाज के पूरे परिवार के साथ एकजुटता के साथ रहना चाहिए। हमें अपने परिवारों को तोडना नही बल्कि हमें उन सभी परिवारों के लोगों से यही आहवान करना चाहिए कि वे अपने परिवार को जोडें और परिवार की उम्मीदों और सपनों को साकार करें। डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि हमारे देश में 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना रही है। यहा। पृथक परिवार की संकल्पना कभी की ही नहीं गई। वर्तमान परिदृश्य पाश्चात्य संस्कृति की देन है। इसी प्रकार डॉ आर. एस वर्मा ने बड़े ही सहज और सरल शब्दों में अपना उद्बोधन दिया। कार्यक्रम के अंत में स्वर्णकार समाज उत्थान संघ के अध्यक्ष गजेन्द्र सोनी ने आगंतुकों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में समाज की अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी तथा अन्य प्रबुध्द वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित था। कार्यक्रम में मंच संचालन योगेश सोनी तथा सागर सोनी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संयोजक उमेश कुमार सोनी रहे।

Wednesday, November 9, 2011


स्वर्णकार समाज-उत्थान संघ, जयपुर
''टूटते परिवार बिखरते सपने'' विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन
यह हम सभी जानते हैं कि हमारा देश कभी विश्व गुरू रहा है और पूरे विश्वास के साथ यह कहा जा रहा है कि हमारी वह स्थिति पुन: प्रकट होगी और हम फिर से सम्पूर्ण विश्व का प्रतिनिधित्व करेंगे। ऐसा इसलिए था क्योंकि हमारे देश की संस्कृति, संस्कार, परम्पराएं, ज्ञान विश्व में सर्वश्रेष्ठ रहे हैं। हमारे देश की एकता एवं अखण्डता में सबसे बड़ा योगदान हमारी पारिवारिक संगठित संरचना का रहा है, जिसे हम ''संयुक्त परिवार'' की संज्ञा देते हैं। जिसमें परिवार के सभी सदस्य हमेशा एक साथ रहते हुए एक-दूसरे के सुख-दुख के भागेदार बनते हैं और यही व्यवस्था हमारे परिवार को एक सूत्र में पिराये रखती है और आगे यह समाज की और फिर देश की एकता की महत्वपूर्ण कड़ी बनती है। किन्तु बड़े दुख की बात है कि विगत कुछ समय से यह पारिवारिक संरचना अपना मूल स्वरूप खो रही है, जिसका कारण संभवत: हमारे अंदर मूल्यों का विघटन होना है। परिणामस्वरूप ''संयुक्त परिवार'' का स्थान ''एकल परिवार'' ने ले लिया है और कहते हुए बड़ा दुख होता है कि बड़े-बड़े शहरों में ''एकल परिवार'' भी अपना अस्तित्व कायम रखने में असफल हो रही है और अब इंडीवीज्यूल्स फैमिली (परिवार का प्रत्येक सदस्य अलग-अलग हैं और मात्र एक व्यक्ति ही अपने आप में फैमिली बनकर रह गया है) का कॉन्सैप्ट जाने-अनजाने हम पर हावी होता जा रहा है। अब और कितना विघटन हमारी पारम्परिक पारिवारिक व सामाजिक संरचना का होगा ? कहना मुश्किल है और यह एक बहुत गंभीर समस्या है जिस पर चिन्तन कर सकारात्मक प्रयास करते हुए इसका समाधान खोजना अत्यन्त आवश्यक है।
इसी उद्देश्य को लेकर स्वर्णकार समाज-उत्थान संघ, जयपुर द्वारा सामाजिक चेतना हेतु निरन्तर किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में उक्त गंभीर मुद्दे पर चिन्तन करने की दृष्टि से ''टूटते परिवार बिखरते सपने'' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन माह जनवरी, 2012 में प्रायोज्य है। इस कार्यक्रम के आयोजन से पूर्व इस विषय पर एक स्मारिका का प्रकाशन किया जायेगा, जिसका विमोचन कार्यक्रम के अन्तर्गत किया जायेगा। इस स्मारिका में समाज के विद्वतजनों से उक्त विषय पर लेख आमंत्रित किए जा रहे हैं। उक्त विषय पर आधारित उप-विषय निम्न प्रकार से हैं, जिनमें से आप अपनी स्वेच्छानुसार किसी भी एक विषय का चयन पर अपना लेख प्रेषित करने की कृपा करें-
1.  संयुक्त परिवार : भूमिका, आवश्यकता, परम्परा, समकालीन प्रासंगिकता
2. एकल परिवार : प्रासंगिकता, अवमूल्यन, कठिनाईयाँ, सुझाव
3. बिखरते परिवार : क्या छोडें, क्या सहेजें
4. कैरियर और परिवार : कैसे हो सामंजस्य
5. समकालीन समाज : भविष्य, सपने व वास्तविकताएँ
6. अनुभव या संघर्ष : परिवार बनाम अकेलापन
7. कितने महत्वपूर्ण हैं रिश्ते ?
8. सामंजस्य, समाज, परिवार : कैसे हो संतुलन ?
9. परिवार और महिला : भूमिका व व्यवस्था
10. परिवार और सदस्य : सबकी अपनी बात

लेख के संबंध में निम्न बातों का ध्यान रखें-
1.  लेख यदि हस्तलिखित हो तो A4 साइज के पांच पृष्ठों से अधिक न हो।
2. लेख यदि कम्प्यूटर द्वारा टाईप्ड हो तो A4 साइज के तीन पृष्ठों से अधिक न हो तथा जिसमें फोन्ट का आकार किसी भी लिपी में किन्तु 14 पाइंट से अधिक न हो।
3. लेखों को स्मारिका में स्थान देने अथवा नहीं देने का पूर्ण अधिकार सम्पादक मण्डल का रहेगा, इस विषय में किसी भी प्रकार के विवाद पर विचार नहीं किया जायेगा।
4. मूल लेख में संशोधन करने का अधिकार भी पूर्ण रूप से सम्पादक मण्डल को रहेगा, इस विषय में भी किसी प्रकार के विवाद पर विचार नहीं किया जायेगा।
5. लेख ऊपर दिये गये किसी एक उप-विषय पर ही आधारित हो तथा लेख लिखते समय कृपया विषय-वस्तु, आंकड़ों एवं तथ्यों की सत्यता की जांच कर लें, इस संबंध में सम्पूर्ण जिम्मेदारी लेखक की स्वयं की होगी।
6. लेख नीचे दिये पते अथवा ई-मेल पर 10 दिसम्बर, 2011 तक (एक पासपोर्ट साइज फोटो के साथ) अनिवार्य रूप से पहुंच जाने चाहिए, इसके पश्चात् प्राप्त लेखों पर विचार करना संभव नहीं होगा।
नोट : स्मारिका में प्रकाशन हेतु विज्ञापन भी आमंत्रित किए जा रहे हैं। स्मारिका में विज्ञापन प्रकाशन के संबंध में पूर्ण जानकारी के लिये कृपया सम्पर्क करें-
1. विरेन्द्र सोनी (उपाध्यक्ष), 9414272977, 2. योगेश सोनी (सचिव), 9314023251
लेख भेजने हेतु पता :
संस्था कार्यालय पता : एफ.आई.आई.टी. सेंटर, ए-1, गोविन्द देव कॉलोनी, चौगान स्टेडियम के पीछे, ब्रह्मपुरी, जयपुर-302002 (राजस्थान)
अथवा
ई-मेल पता : ssus.rajasthan@gmail.com

उमेश कुमार सोनी                                     डॉ. सुधीर सोनी
   सम्पादक                                         प्रधान सम्पादक
 9314405401                                       9414716676