Tuesday, July 1, 2014


Honouring of Student and Scholarship Distribution Programme
स्वर्णकार समाज का प्रतिभा सम्मान एवं छात्रवृत्ति वितरण समारोह सम्पन्न
जयपुर, 29 जून। सत्र 2013-14 में राजस्थान में संचालित विभिन्न शिक्षा बोर्डों द्वारा आयोजित वार्षिक परीक्षाओं में राज्य एवं जिला स्तर पर स्वर्णकार समाज के मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों एवं उच्च शिक्षा में अध्ययनरत् विद्यार्थियों हेतु प्रतिभा सम्मान एवं छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम का आयोजन गत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी स्वर्णकार समाज उत्थान समिति, जयपुर द्वारा महाराणा प्रताप सभागार, भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम, जेएलएनमार्ग, जयपुर में सम्पन्न किया गया। कार्यक्रम में आवश्यकता आधारित विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डा. जितेन्द्र कुमार सोनी, सीईओ, ज़यपुर जिला परिषद् द्वारा उपस्थित विद्याथियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात् आपका कैरिऍर प्रारम्भ हुआ है। यदि आप अपने जीवन में सफलता अर्जित करना चाहते हैं तो अपना एक लक्ष्य बनाईए और उसे पूर्ण करने हेतु जुट जाइए। न्होंने कहा जब एक बच्चा अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर अपने माता-पिता से प्रथम बार मिलता है तो उनकी ऑंखों से बहने वाली खुशी की दो बूंदों का महत्व अनमोल है। हमारे जीवन को साकार बनाने में हमारे माता-पिता का सर्वाधिक योगदान है। आपको शिक्षित होकर और जीवन में ऊँचाईयाँ प्राप्त कर उनके द्वारा हमारे लिए गए प्रयत्नों को साकार करना है। कार्यक्रम के अध्यक्ष जगदीश जौहरी, ट्रस्टी सचिव, रामगढ़ विकास ट्रस्ट, सीकने महिलाओं के स्वावलम्बन हेतु उन्हें प्रशिक्षित कर विभिन्न लघु एवं कुटीर उद्योगों की स्थापना कर एवं वर्तमान में संचालित ऐसे प्रकल्पों के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार हेतु आगे बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो श्याम लाल सोनी, प्रोफेसर, एमएनईटी, ज़यपुर ने बालकों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने परिवारजन, समाज एवं देश को अग्रणी बनाने की प्रेरणा प्रदान की। अन्य विशिष्ट अतिथि श्रीमती विद्योत्तमा वर्मा, सेनि ज़िला शिक्षा अधिकारी, जोधपुर ने शिक्षा के संदर्भ में स्वामी विवेकानंद के संदेश को सुनाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि, 'शिक्षा ऐसी दी जाए जो विद्यार्थी भारत और भारतीय धर्म के प्रति विश्वास और श्रद्धा रखे, निर्भय होकर राष्ट्र के प्रति अपनेर् कत्तव्य का भली-भाँति निर्वाह कर सकें।' आगे अपने उद्बोधन में उन्होंने महिला शिक्षा एवं सशक्तिकरण पर बल देते हुए इस संदर्भ में अपना पक्ष प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जगदीश प्रसाद जांगलवा, जेएमज़े ज्वैलर्स, वैशाली नगर, जयपुर ने संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में 14 मेरिट स्कॉलर्स (कु क़िरण सोनी-पाली, कु पूनम सोनी-चुरू, शिवम सोनी-चित्तौड़गढ़, कु मोनिका सोनी-उदयपुर, रितेश सोनी-झुंझुनू, कु प्रज्ञा सोनी-टोंक, कु शुभांगी सोनी-साखून, जयपुर, कु लविका सोनी-अलवर, कु अनुष्का स्वर्णकार-टोंक, कु योगिता सोनी-जयपुर, कु अंजली सोनी-जयपुर, हेमन्त कुमार सोनी-झुंझुनू, मनवय सोनी-कोटा, श्रीमती गीता सोनी-जयपुर½ को 5100.00 रुपये प्रति विद्यार्थी तथा 40 आवश्यकता आधारित प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनके गत कक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर 5100.00 रुपये प्रतिछात्र छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान किए गए। साथ ही उच्चतर शिक्षा में अध्ययनरत् 38 विद्यार्थियों (डॉ शीष सोनी-जयपुर, प्रवीण कुमार स्वर्णकार-जयपुर, नीरज कुमार-जयपुर, राकेश सोनी-पाली, ईशान सोनी-जयपुर, दुष्यन्त सोनी-झुंझुनू, विवेक सोनी-बीकानेर, कविता सोनी-सीकर, भूपेन्द्र सोनी-जयपुर, अदिती सोनी-जयपुर, अंशुल सोनी-जयपुर, मोहित कुमार सोनी-भरतपुर, कुसुम सोनी-जयपुर, अभिषेक सोनी-जयपुर, अभिषेक कुमार-जयपुर, नीतेश सोनी-सीकर, संदीप सोनी-जयपुर, आदित्य सोनी-अलवर, आदित्य आर्य-जयपुर, आयुषी सोनी-सीकर, स्वाति सोनी-सीकर, मोहित सोनी-जयपुर, गुंजन सोनी-जयपुर, संदीप कुमार सोनी-जयपुर, दीपक सोनी-जयपरु, तुषार सोनी-जयपुर, आशा सोनी-जयपुर, रविप्रकाश सोनी-जयपुर, श्रेया सोनी-कोटा, शीतल सोनी-जयपुर, हिमांशु सोनी-झुंझुनू, पुलकित सोनी-जयपुर, अंकित सोनी-जयपुर, शिल्पा सोनी-जयपुर, अंकित सर्राफ-झुंझुनू, प्रशान्त कुमार स्वर्णकार-जयपुर, रिया सोनी-जयपुर, रितिका सुगन्धा-जयपुर) को तथा कार्यक्रम में छात्रवृत्ति हेतु एवं अन्य व्यवस्थाओं में आर्थिक सहयोग करने वाले 39 दान-दाताओ (श्री अम्बालाल स्वर्णकार-केकड़ी अजमेर, श्री अनिल सोनी दौसोल्या-जयपुर, श्री बाबूलाल सोनी कूकरा-जोधपुर, श्री भवानीशंकर 'कुसुम'-जयपुर, श्री दामोदर स्वर्णकार बैराडिया-जयपुर, श्री दीपक सोनी जंवडा-जयपुर, श्री हनुमान सहाय सोनी खोवाल-जयपुर, श्री जे क़े सोलीवाल-जयपुर, श्री कैलाशचन्द सारड़ीवाल-जयपुर, श्री कैलाश सर्जनवाल-जयपुर, श्री लखन अग्रोया-जोधपुर, श्री मधुसूदन सोनी-जयपुर, श्री मनोज मौसूण-जयपुर, श्री मातादीन कठराथला-जयपुर, श्री नाथूलाल तोषावड़-सीकर, श्री निखिल थूणगर-जयपुर, श्री ओमप्रकाश सोनी-जयपुर, श्री प्रदीप जौहरी-जयपुर, श्री प्रहलाद सोनी-जयपुर, डॉ अारज़ेवर्मा-यूक़े, श्री रविन्द्र रोड़ा-जयपुर, श्री ऋद्धिकरण सोनी 'वीरेश'-जोधपुर, श्री सागरमल नारनौली-जयपुर, श्री संजय कुमार सोनी-जयपुर, श्रीमती सीमा वर्मा-जयपुर, श्री शिवराज सोनी-जयपुर, श्री अजमीढ़ सेवा संस्थान-जयपुर, श्री श्रीराम सोनी-पश्चिम बंगाल, श्री सूरज सोनी-जयपुर, श्रीमती विद्योत्तमा वर्मा देवाल-जोधपुर, श्री विजय जालू-जयपुर, श्री विजयराज सोनी-जयपुर, श्री वीरेन्द्र कुमार सोनी-जयपुर, श्री बाबूलाल सोनी-सीकर, श्री राजेश सोनी (सीए)-ज़यपुर, श्री फतेहचंद सोनी (सेनि ईपीएस)-ज़यपुर, श्री विजय स्वर्णकार-कोटा, श्रीमती रेणुका वर्मा-जयपुर, श्री निरंजन सोनी-जयपुर, श्री रमेशचंद सुनालिया-जयपुर, श्री जय कुमार जौहरी-जयपुर, श्री हरिकिशन सोनी-जयपुर, श्री राधेश्याम भांवर-जयपुर, श्री मोहनलाल सहदेव-जयपुर, श्री अनिल सारड़ीवाल-जयपुर, श्री राजेन्द्र कठराथला-जयपुर, श्री सुभाषचंद सोनी आगरावाले-जयपुर, डॉ बजरंग लाल सोनी-जयपुर, डॉ प्रभा वर्मा-जयपुर, श्री सौम्य वर्मा-सेंट लुईस, यूएसए, श्री जगदीश प्रसाद जांगलवा-जयपुर, श्री जगदीश जौहरी-रामगढ़ शेखावाटी सीकर½ को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में स्वर्णकार समाज का प्रबद्ध वर्ग, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, समाज सेवी, व्यवसायी वर्ग, बच्चे, महिलाएँ, बुजुर्ग काफी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम मंचासीन अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती और महाराजा अजमीढ़ के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इसके पश्चात् मंचासीन अतिथियों का परिचय संस्था के सचिव योगेश कुमार सोनी द्वारा करवाया गया तथा सभागार के उपस्थिति प्रबुध्दजन द्वारा मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इसके पश्चात् कु. सुरभि सोनी द्वारा सरस्वती वन्दना हेतु नृत्य प्रस्तुत किया। संस्था का परिचय संस्था के परामर्शद एवं राजस्थान पत्रिका के मुख्य उपसम्पादक श्री एम. डी. सोनी द्वारा करवाया गया। इसके पश्चात् संस्था के परामर्शद् डॉ. गुंजन सोनी (आर.ए.एस.) द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य एवं रूपरेखा पर बडे ही प्रभावी ढंग से प्रकाश डाला गया। इसके पश्चात् श्रीमती रितु सोनी द्वारा मेरिट प्राप्त विद्यार्थियों के अभिनन्दन का कार्य पूर्ण कराया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा में अध्ययनरत् विद्यार्थियों के अभिनन्दन हेतु संचालन संस्था के संगठन मंत्री सागर सोनी द्वारा किया गया। छात्रवृत्ति तथा कार्यक्रम की अन्य व्यवस्थाओं में आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाले दानदाताओं/भामाशाहों के अभिनन्दन हेतु संचालन संस्था के संयुक्त सचिव एवं कार्यक्रम संयोजक उमेश कुमार सोनी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अन्त में संस्था के अध्यक्ष गजेन्द्र सोनी अतिथियों तथा समाज बंधुओं का धन्यवाद ज्ञापन किया। संस्था के सदस्य मनोज कुमार सोनी द्वारा सूचनाएँ प्रेषित की गईं। मंच संचालन श्रीमती इंदुलता सोनी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में संस्था के सभी सदस्यों का अभूतपूर्व सहयोग रहा। कार्यक्रम में स्वर्णकार समाज का प्रबद्ध वर्ग, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, समाज सेवी, व्यवसायी वर्ग, बच्चे, महिलाएँ, बुजुर्ग काफी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Sunday, May 11, 2014

Release of "Maidh Kshatriya Vansh Ke Gotra Evam Kuldeviyan' Epic


मैढ़ क्षत्रिय वंश के गोत्र एवं कुलदेवियाँ ग्रन्थ 
विमोचन कार्यक्रम सम्पन्
जयपुर, 11 मई। स्वर्णकार समाज उत्थान समिति, जयपुर द्वारा रविवार को जयपुर स्थिति पिंकसिटी प्रेस क्लब सभागार में ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रीमान् रामनारायण सोनी, लाडनू, नागौर जिनके द्वारा पूवमें 'मैढ़ क्षत्रिय जाति का इतिहास' ग्रन्थ का लेखन कार्य पूर्ण किया गया था। इनके द्वारा गत 6-7 वर्षों के अथक प्रयास एवं शोधपरक कार्य करते हुए 'मैढ़ क्षत्रिय वंश के गोत्र एवं कुलदेवियाँ' ग्रन्थ का लेखन कार्य पूण्र किया गया है। इस ग्रन्थ की प्रकाशक संस्था स्वर्णकार समाज उत्थान समिति, जयपुर है। प्रकाशन संस्था के रूप में समिति द्वारा 'मैढ़ क्षत्रिय वंश के गोत्र एवं कुलदेवियाँ' ग्रन्थ का विमोचन कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न कियगया।
ग्रन्थ का विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमान् राजेन्द्र राठौड़-चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, राजस्थान सरकार, कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमान् मातादीन सोनी-महामंत्री सर्राफा ट्रैडर्स कमेटी, जयपुर, मुख्य वक्ता प्रोफहरिशकर पाण्डेय-अधिष्ठाता, श्रमणा विद्या संकाय, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी, उप्र, ग़्रन्थ के रचयिता श्रीमान् रामनारायण सोनी-लाड़नू नागौर, विशिष्ट अतिथि श्रीमान् सतीश सोनी-अध्यक्ष, मुण्डाधाम मंदिर, हनुमानगढ़ के कर-कमलों से किया गया। विमोचन के समय संस्था के सदस्य एवं परामर्शदाता मण्डल के उपस्थित सदस्य भी मंच पर उपस्थित रहे।
सर्वप्रथम मंचासीन अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती एवं महाराजा अजमीढ़ के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों का परिचय संस्था के संयुक्त सचिव एवं कार्यक्रम संयोजक उमेश कुमार सोनी द्वारा करवाया गया। अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न द्वारा अभिनन्दन संस्था के सचिव योगेश कुमार सोनी एवं उपाध्यक्ष संजय सोनी द्वारा किया गया। संस्था का परिचय संदीप सोनी द्वारा एवं कार्यक्रकी रूपरेखा हितेशचन्द्र स्वर्णकार द्वारा प्रेषित की गई। तत्पश्चात् कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो हरिशंकर पाण्डेय जिनके सतत् मार्गदर्शन में उक्त ग्रन्थ का लेखन कार्य पूर्ण किया गया है, के द्वारा अपने वक्तव्य में सर्वप्रथम गोकी परिभाषा, अर्थ एवं महत्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया। इसके पश्चात् आपके द्वारा कुलदेवियाँ की महिमा का अद्भुत वर्णन किया गया। जिसके अन्तर्गत शिव एवं शक्ति की प्राचीन अवधारणा से सभी को अवगत कराया गया। आपने इस ग्रन्थ के लेखन के संबंध में श्रीमान् रामनारायण सोनी की निष्ठा, श्रम एवं दृढ़ निश्चय तथा ग्रन्थ लेखन की सम्पूर्ण यात्रा का संस्मरण उपस्थित समाजजन के समक्ष रखा। आपने बताया कि इस प्रकार के कार्य समाज को स्थाई गति प्रदान करते हैं और समाज को स्व की पहचान कराने हेतु श्रीमान् रामनारायण सोनी द्वारा किया गया प्रयास अत्यन्त सारगर्भित एवं सराहनीय है। इसके पश्चात् विशिष्ट अतिथि श्रीमान् सतीश सोनी द्वारा ग्रन्थ के लेखक महोदय के कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई एवं इन्हें हार्दिक बधाई प्रेषित की गई।
कार्यक्रम की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए श्रीमान् रामनारायण सोनी ने अपने उद्बोधन में ग्रन्थ के छ: अध्यायों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। जिसमें क्रमश: प्रथम अध्याय में शिव एवं शक्ति की व्याख्या की गई द्वितीय अध्याय में देवी की महिमा का वर्णन किया गया है। तृतीय अध्याय में राजस्थान में कुलदेवयिां एवं शक्ति स्थल का विस्तृत वर्णन किया गया है। चतुर्थ अध्याय में राजपूत जाति के प्रमुख राजवंशों का वर्णन है। पंचम अध्याय में गोत्र की व्याख्या, महत्व एवं ऐतिहासिक परिदृश्य को उजागर किया गया है तथा अंतिम षष्ठम अध्याय में मैढ़ जाति के गोत्रों का वर्णन किया गया है। अन्त में संदर्भ ग्रन्थ सूची के अन्तर्गत ग्रन्थ के लेखन हेतु प्रयोग में लिए गए संदर्भों का उल्लेख किया गया है।
इनके उद्बोधन के पश्चात् मंचासीन अतिथियों द्वारा ग्रन्थ का विमोचन किया गया। तत्पश्चात् संस्था द्वारा श्रीमान् रामनारायण जी सोनी का अभिनन्दन किया गया। जिसके अन्तर्गत श्रीमान् जगदीश जी जौहरी रामगढ़ शेखावाटी द्वारा माल्यार्पण, श्रीमान् श्याम आर्य, अतिरिक्त राजकीय महाधिवक्ता राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा साफा एवं शॉल ओढ़ाया गया तथा डॉ मेहरसिंह सोनी द्वारा अभिवन्दन पत्र भेंट किया गया। इससे पूर्व संस्था की सदस्या श्रीमती सुरभि सोनी द्वारा अभिवन्दन पत्र का वाचन किया गया। इसी क्रम में विभिन्न जिलों से पधारे समाजबंधुओं द्वारा श्रीमान् रामनारायण सोनी को प्रशस्ति-पत्र, शॉल, पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिश्रीमान् राजेन्द्र जी राठौड़ द्वारा अपने उद्बोधन में लेखक के कार्य मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की। उन्होंने भी इस बात पर बल दिया कि समाज को आगे तभी बढाया जा सकता है जबकि समाज स्वयं के इतिहास, संस्कारों, परम्पराओं, रीति-नीतियों से परिचित हो। स्व की पहचान रखता हो। आपने लेखक एवं आयोजक संस्था को साधुवाद प्रेषित किया।
इसके पश्चात् संस्था परामर्शद् श्रीमान् हनुमान सहाय सोनी द्वारा श्रीमान् रामनारायण सोनी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर बड़े ही तथ्यात्मक ढंग से प्रकाश डाला गया। आपने बताया कि श्रीमान् रामनारायण सोनी ने किस प्रकार अत्यधिक परेशानियों का सामना करते हुए भी अपने दृढ़ विश्वास एवं समाज सेवा भाव के फलस्वरूप इस कार्य को सम्पन्न किया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्रीमान् मातादीन जी कठाथला द्वारा समाज में विघटन की स्थिति पर दु:ख व्यक्त करते हुए समाज को एक करने हेतु प्रयासों को गति देने की बात कही और संस्था तथा लेखक को इनके सार्थक प्रयासों हेतु बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
कार्यक्रम के अन्त में जयपुर नगर निगम के भाजपा पार्षद एवं संस्था के सदस्य शिवकुमार सोनी द्वारा कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्रेषित की गईं। इसके पश्चात् संस्था अध्यक्ष गजेन्द्र सोनी द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन श्रीमती इन्दूलता सोनी एवं संस्था के संगठन मंत्री सागर सोनी द्वारा किया गया। अन्त में देशभर से पधारें हुए समाजजन ने सप्रेम दोपहर भोजन प्राप्त किया गया।